जयपुर. कैंसर के मरीजों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें इलाज के लिए प्रताप नगर स्थित स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट व सवाई मानसिंह अस्पताल के बीच चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्हें स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में ही इलाज मिल सकेगा। इसके लिए सवाई मानसिंह अस्पताल से कैंसर विभाग को स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में शिफ्ट किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
दरअसल, कैंसर के मरीजों को एक ही जगह पूरा इलाज मिल सके इसलिए स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की शुरुआत की गई लेकिन ऐसा अभी तक नहीं हो सका। क्योंकि एसएमएस अस्पताल से कैंसर विभाग शिफ्ट नहीं किया जा सका। इस कारण मरीज को चिकित्सक से परामर्श, सर्जरी व भर्ती होने व एडवांस जांचों के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मरीजों की इस पीड़ा को खत्म करने के लिए अब कैंसर विभाग की शिफ्टिंग प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई है। एक सप्ताह में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में ओपीडी शुरू हो जाएगी। जांच वहीं होगी और मरीज भी भर्ती हो सकेंगे। इसके लिए आरयूएचएस अस्पताल में 100 बेड आवंटित किए गए हैं। साथ ही ऑपरेशन भी अब स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में ही होंगे। शिफ्टिंग के बाद एसएमएस में महज एक चौथाई काम ही रह जाएगा। वो भी छह महीने में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट में ही शिफ्ट हो जाएगा। सीधे तौर पर कैंसर मरीजों का अब स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट व एसएमएस अस्पताल के बीच 13 किलोमीटर का चक्कर खत्म हो जाएगा। चिकित्सा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए रिक्त पद भी भरे जा रहे हैं। हाल ही यहां 46 नर्सिंगकर्मी लगाए गए हैं।
आरयूएचएस से आएंगे डॉक्टर
कैंसर के कई मरीज अन्य बीमारियों से भी ग्रस्त मिलते हैं। उनके इलाज के लिए स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट से एसएमएस अस्पताल में रेफरेंस भेजने पड़ते हैं। यह देखते हुए अब आरयूएचएस अस्पताल में ही रेफरेंस भेजे जाएंगे। ज्यादा जरूरत होने पर ही एसएमएस भेजेंगे।
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